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सफेद बाल ही नहीं गंजेपन का इलाज

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सालों से भारतीय माज में प्राकृतिक जड़ी-बूटियों का प्रयोग किया जा रहा है, जो हमारी सेहत के लिए उपयोगी होती है। उनमें से एक मेथी भी है, जी हां मेथी का इस्तेमाल हर घर की रसोई में खाने से लेकर सेहत और सुंदरता को सुधारने और बरकरार रखने के लिए किया जाता है। इसलिए अगर मेथी को बहुउद्देशीय मसाला कहा जाएं तो गलत नहीं होगा। तो आइए जानते हैं इसके ऐसे ही कुछ अनोखे फायदों के बारे में... मेथी के आयुर्वेदिक उपाय 1. डायबिटीज़ - मेथी का चूर्ण दूध या गुनगुने पानी से लें। - मेथी का पानी सुबह-शाम पिएं। 2. यौन इच्छा बढ़ाएं - मेथी का चूर्ण दूध के साथ लें। 3. पीरियड्स में दर्द 4. स्वस्थ बालों के लिए

आरक्षण पर मोदी सरकार का साथ देगी 'AAP', यशवंत सिन्हा, राजभर ने करार दिया 'जुमला'

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आरक्षण पर मोदी सरकार का साथ देगी 'AAP', यशवंत सिन्हा, राजभर ने करार दिया 'जुमला' नई दिल्ली: मोदी सरकार ने चुनाव से पहले बड़ा दांव चलते हुए आर्थिक रुप से पिछड़े सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने का फैसला किया है. सरकार को इस फैसले पर विरोधी आम आदमी पार्टी का साथ भी मिल गया है. दरअसल, सरकार को यह फैसला लागू करवाने के लिए सविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संवैधानिक संशोधन करना होगा. आम आदमी पार्टी ने इस संशोधन के लिए संसद में सरकार का साथ देने की बात कही है. वहीं यशवंत सिन्हा और ओमप्रकाश राजभर ने इसे सिर्फ एक जुमला करार दिया है. अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा है कि चुनाव के पहले भाजपा सरकार संसद में संविधान संशोधन करे तो हम सरकार का साथ देंगे. नहीं तो साफ़ हो जाएगा कि ये मात्र भाजपा का चुनाव के पहले का स्टंट है.वहीं यशवंत सिन्हा ने कहा है कि आर्थिक रुप से कमजोर सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने का प्रस्ताव एक जुमले से ज्यादा कुछ नहीं है. ये कई तरह की कानूनी जटिलताओं से लैस है और इसे संसद के दोनों सदनों से पास कराने का समय नहीं है. इस कदम से सरकार पूरी तरह एक्सपोज हो गई ह...

आरक्षण 10% नहीं 14% दे

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सवर्णों को आरक्षण 10% नहीं 14% दे मोदी सरकार..बोले गहलोत...कहा मैंने 20 साल पहले केन्द्र को भेजा था प्रस्ताव जयपुर. केन्द्र की मोदी सरकार ने आज पिछडे़ स्वर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण देकर तुरूप का इक्का चल दिया है. आर्थिक रूप से पिछडे़ स्वर्णों को दिये 10 प्रतिशत आरक्षण को लेकर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी बयान दिया है. गहलोत ने कहा कि ईबीसी आर्थिक रूप से पिछडो़ं को 14 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग उनकी थी. इसके लिए उन्होंने 1998 में ही कैबिनेट का प्रस्ताव दिया था. तत्कालीन अटल बिहारी वाजपेयी को रिक्वेस्ट करके भेजा था कि आर्थिक रूप से आरक्षण इन्हें मिले और इसके लिए केन्द्र सरकार संविधान में संशोधन करें. इसके बाद हमारी सरकार चली गयी, लेकिन अब भी वो प्रस्ताव मौजूद था. राजस्थान की पिछली सरकार ने 14 प्रतिशत आरक्षण का बिल विधानसभा में पास किया था. लेकिन आगे कार्यवाही नहीं हो पाई. परंतु अब केन्द्र सरकार ने 14 की जगह 10 प्रतिशत आरक्षण दिया है. गहलोत ने केन्द्र सरकार से आर्थिक रूप से पिछडों को 10 नहीं 14 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग करते हुए कहा है कि अब भी मैं चाहूगां कि 10 नहीं ...

किसानों से कर्जमाफी के नाम पर ठगी, सामने आया 8.30 करोड़ रुपए का घोटाला

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किसानों से कर्जमाफी के नाम पर ठगी, सामने आया 8.30 करोड़ रुपए का घोटाला डूंगरपुर में किसानों से कर्जमाफी के नाम पर करोड़ों का घोटाला पकड़ा है। यह घोटाला गोवाड़ी, जेठाणा व गामड़ा ब्राह्मणिया की कृषि बहुद्देश्यीय सहकारी समितियों (लार्ज एग्रीकल्चर मल्टीपरपज को-ऑपरेटिव सोसायटी) में सामने आया है।यहां 1719 किसानों के नाम करीब फर्जी तरीके से 8 करोड़ रुपए का कर्ज लिया गया। पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने किसानों के सहकारी बैंकों से लिए 50 हजार रु. तक के कर्ज माफी की घोषणा की थी। इसके तहत जिले में कर्ज माफ हुए। फर्जी नाम से उठाए लोन भी माफ हो गए। हंगामे के बाद मामले की जांच शुरू हुई है। पहली कर्ज माफी में ऋण चुकता होने के बाद और अधिक संख्या में फर्जी ऋण जारी किए गए। इनको वर्तमान कर्जमाफी में चुकता करने की साजिश थी। जिन्हें मना किया उनके नाम ले उड़े जिस किसान को ऋण देने से मना किया गया था उसके नाम ऋण जारी हो गया। कुछ किसानों को जो राशि कर्ज में दी गई थी, उसके मुकाबले अधिक राशि जारी हुई। उन्हें मालूम ही नहीं था। जांच के बाद बढ़ेगी घोटाले की राशि रजिस्ट्रार नीरज के. पवन ने लोन सुपरवाइजर को निल...

आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को 10% आरक्षण की मंजूरी- सूत्र

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आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को 10% आरक्षण की मंजूरी- सूत्र Add caption सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट ने आर्थिक रूप से पिछड़े ऊंची जाति के लोगों को 10 फीसदी आरक्षण को मंजूरी दे दी है. लोकसभा चुनाव से पहले सरकार ने बड़ा दांव खेला है. आर्थिक रूप से पिछड़े ऊंची जाति को रिझाने के लिए सरकार ने आरक्षण देने की घोषणा की है. सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट ने आर्थिक रूप से पिछड़े ऊंची जाति के लोगों को 10 फीसदी आरक्षण को मंजूरी दे दी है. सूत्रों के मुताबिक इस आरक्षण का फायदा ऐसे लोगों को मिलेगा जिसकी कमाई सलाना 8 लाख से कम है. केंद्रीय मंत्री शिव प्रताप शुक्ला ने इस फैसले पर कहा, "यह बहुत अच्छा फैसला है. अब तक सिर्फ बातें होती थीं लेकिन अब इस सरकार ने दिखा दिया है कि वह फैसला लेने में भी सक्षम है. इससे बहुत सारे लोगों को फायदा मिलेगा. इस पर आगे का फैसला कमेटी करेगी."

देश रक्षा में मारवाड़ के राठौड़ों का बलिदान

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                                    स्मरणीय है देश रक्षा में मारवाड़ के राठौड़ों का बलिदान मारवाड़ के इन राठौड़ राजपूत वीरों ने भी सैकड़ों वर्षों तक म्लेच्छ शक्ति से लगातार संघर्ष करते हुए हिन्दुस्तान की पावन पवित्र  देव भूमि की सुरक्षा में संस्तुत्य योगदान दिया था ।महाराष्ट्र और सम्पूर्ण दक्षिण भारत और बाद में कन्नौज पर जिन राष्ट्रकूट राजाओं का शासन था उन्हीं के वंशज इन राठौड राजपूतों ने मरुधरा की सुरक्षा से अपने को उस दिन तक बचाये रखा जिस दिन तक वे स्वयं इसकी सुरक्षा करने योग्य नहीं हो गये । मारवाड़ के प्रतिहार और चौहान शासकों के लगातार मुसलमानी आक्रमणों का सामना करते रहने से जो निर्बलता आई उनकी पूर्ति करने का काम राठौड़ों ने किया था । इस प्रकार कन्नौज के राष्ट्रकूट राजाओं (1043-1068 ई0)के वंशज राव सीहाजी लगभग 1250ई0 में मारवाड़ आये थे ।उस समय 1213 से 1252 ई0 तक मेवाड़ ने तुर्कों को भारी पराजय दी थी ।1248ई0 में बलवन के द्वारा चौहानों पर किये गए आक्रमण में उसे विफलता मिली थी ।1258ई0 में भी रणथ...

गद्दार_नही_धर्मपरायण_और_देशभक्त_राजा_थे_जयचंद

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गद्दार_नही_धर्मपरायण_और_देशभक्त_राजा_थे_जयचंद महाराज जयचंद जी का सही इतिहास एवम् उनकी एक मात्र प्रतिमा। जयचन्द्र (जयचन्द), महाराज विजयचन्द्र के पुत्र थे। ये कन्नौज के राजा थे। जयचन्द का राज्याभिषेक वि.सं. १२२६ आषाढ शुक्ल ६ (ई.स. ११७० जून) को हुआ। राजा जयचन्द पराक्रमी शासक था। उसकी विशाल सैन्य वाहिनी सदैव विचरण करती रहती थी, इसलिए उसे ‘दळ-पंगुळ' भी कहा जाता है। इसका गुणगान पृथ्वीराज रासो में भी हुआ है। राजशेखर सूरि ने अपने प्रबन्ध-कोश में कहा है कि काशीराज जयचन्द्र विजेता था और गंगा-यमुना दोआब तो उसका विशेष रूप से अधिकृत प्रदेश था। नयनचन्द्र ने रम्भामंजरी में जयचन्द को यवनों का नाश करने वाला कहा है। युद्धप्रिय होने के कारण इन्होंने अपनी सैन्य शक्ति ऐसी बढ़ाई की वह अद्वितीय हो गई, जिससे जयचन्द को दळ पंगुळ' की उपाधि से जाना जाने लगा। जब ये युवराज थे तब ही अपने पराक्रम से कालिंजर के चन्देल राजा मदन वर्मा को परास्त किया। राजा बनने के बाद अनेकों विजय प्राप्त की। जयचन्द ने सिन्धु नदी पर मुसलमानों (सुल्तान, गौर) से ऐसा घोर संग्राम किया कि रक्त के प्रवाह से नदी का नील जल एकदम ऐसा...