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Showing posts from May 22, 2018

क्रांतिवीर: बलजी-भुरजी शेखावत

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                 क्रांतिवीर: बलजी-भुरजी शेखावत    राजस्थान राज्य की जागीर बठोठ-पटोदा के ठाकुर बलजी शेखावत दिनभर अपनी जागीर के कार्य निपटाते,लगान की वसूली करते,लोगों के झगड़े निपटाकर न्याय करते,किसी गरीब की जरुरत के हिसाब से आर्थिक सहायता करते हुए अपने बठोठ के किले में शान से रहते ,पर रात को सोते हुए उन्हें नींद नहीं आती,बिस्तर पर पड़े पड़े वे फिरंगियों के बारे में सोचते कि कैसे वे व्यापार करने के बहाने यहाँ आये और पुरे देश को उन्होंने गुलाम बना डाला | ज्यादा दुःख तो उन्हें इस बात का होता कि जिन गरीब किसानों से वे लगान की रकम वसूल कर सीकर के राजा को भेजते है उसका थोड़ा हिस्सा अंग्रेजों के खजाने में भी जाता | रह रह कर उन्हें फिरंगियों पर गुस्सा आता और साथ में उन राजाओं पर भी जिन्होंने अंग्रेजों की दासता स्वीकार करली थी | पर वे अपना दुःख किसे सुनाये,अकेले अंग्रेजों का मुकाबला भी कैसे करें सभी राजा तो अंग्रेजों की गोद में जा बैठे थे | उन्हें अपने पूर्वज डूंगरसीं व जवाहरसीं की याद भी आती जिन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष छेड़ा...

राजावत ठिकाना भैसावा इतिहास

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  पूरणमललोत राजावत ठिकाना भैसावा                         भाग 1 ख्यात अनुसार राजावत कछवाहोँ का पीढी क्रम ईस प्रकार है – 01 - भगवान श्री राम -  भगवान श्री राम के बाद कछवाहा (कछवाह) क्षत्रिय राजपूत राजवंश का इतिहास इस प्रकार भगवान श्री राम का जन्म ब्रह्माजी की 67वीँ पिढी मेँ और ब्रह्माजी की 68वीँ पिढी मेँ लव व कुश का जन्म हुआ।  भगवान श्री राम के दो पुत्र थे –         01 - लव        02 - कुश रामायण कालीन महर्षि वाल्मिकी की महान धरा एवं माता सीता के पुत्र लव-कुश का जन्म स्थल कहे जाने वाला धार्मिक स्थल तुरतुरिया है। - लव और कुश राम तथा सीता के जुड़वां बेटे थे। जब राम ने वानप्रस्थ लेने का निश्चय कर भरत का राज्याभिषेक करना चाहा तो भरत नहीं माने। अत: दक्षिण कोसल प्रदेश (छत्तीसगढ़) में कुश और उत्तर कोसल में लव का अभिषेक किया गया। राम के काल में भी कोशल राज्य उत्तर कोशल और दक्षिण कोशल में विभाजित था। कालिदास के रघुवंश अनुसार राम ने अपने पुत्र लव को शरावती का औ...

निपाह वायरस

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    निपाह वायरस के मरीज का इलाज करने वाली नर्स की मौत, पति के लिए छोड़ा इमोशनल मैसेज नई दिल्ली : "मैं बस जा ही रही हूं... मुझे नहीं लगता, मैं आपको देख पाऊंगी... माफ कीजिएगा... हमारे बच्चों का ध्यान रखिएगा..." अपने पति के लिए यह गुडबाय नोट लिखा था नर्स लिनी पुथुस्सेरी ने, जो नए निपाह वायरस का चौथा शिकार बनीं. उनका दाह संस्कार भी आनन-फानन में कर दिया गया, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके, और इसी कारण वह अपने परिवार को देख भी नहीं पाई. 31-वर्षीय लिनी की दो संतानें हैं - सात साल और दो साल की. अपने पति को लिखे एक बेहद भावुक नोट में नर्स लिनी ने लिखा, "साजी चेट्टा, मैं बस जा ही रही हूं... मुझे नहीं लगता, मैं आपको देख पाऊंगी... माफ कीजिएगा... हमारे बच्चों का ध्यान रखिएगा... हमारा मासूम बच्चा, उसे खाड़ी देशों में ले जाइएगा... उन्हें उस तरह अकेला नहीं रहना चाहिए, जिस तरह हमारे पिता रहे... बहुत-सा प्यार..." लिनी का यह नोट सोशल मीडिया पर काफी शेयर किया जा रहा है, और पढ़ने वालों की आंखों को नम कर रहा है.माइक्रो-ब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर पर बहुत-से लोगों ने युवा नर...