जैसलमेर किला – रेगिस्तान का स्वर्णिम गौरव
जैसलमेर किला – रेगिस्तान का स्वर्णिम गौरव राजस्थान के थार मरुस्थल के बीच स्थित जैसलमेर किला, जिसे सोनार किला या गोल्डन फोर्ट भी कहा जाता है, भारतीय राजपूत वास्तुकला और शौर्य का अद्भुत प्रतीक है। यह किला केवल ऐतिहासिक स्मारक नहीं, बल्कि आज भी जीवंत संस्कृति का केंद्र है। 📜 स्थापना और इतिहास इस किले की स्थापना 1156 ईस्वी में भाटी राजपूत शासक रावल जैसल ने की थी। किंवदंती है कि त्रिकूट पहाड़ी पर एक संत ने भविष्यवाणी की थी कि यहाँ एक महान दुर्ग बनेगा। रावल जैसल ने अपनी पुरानी राजधानी लोधरवा से हटकर यहाँ नई राजधानी बसाई। मध्यकाल में यह किला भारत और मध्य एशिया के बीच व्यापार मार्ग (सिल्क रूट से जुड़ा मार्ग) पर स्थित होने के कारण व्यापारिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण था। यहाँ से ऊँटों के काफिले गुजरते थे, जिससे जैसलमेर समृद्ध हुआ। ⚔️ युद्ध और संघर्ष जैसलमेर किला कई बार आक्रमणों का साक्षी रहा: 1299 ई. में अलाउद्दीन खिलजी की सेना ने किले पर हमला किया। मुगल काल में जैसलमेर ने कभी संघर्ष तो कभी संधि की नीति अपनाई। बाद में राजपूत शासकों ने किले की सुरक्षा और संरचना को और मजबूत किया। किले ...