किसानों से कर्जमाफी के नाम पर ठगी, सामने आया 8.30 करोड़ रुपए का घोटाला

किसानों से कर्जमाफी के नाम पर ठगी, सामने आया 8.30 करोड़ रुपए का घोटाला

डूंगरपुर में किसानों से कर्जमाफी के नाम पर करोड़ों का घोटाला पकड़ा है। यह घोटाला गोवाड़ी, जेठाणा व गामड़ा ब्राह्मणिया की कृषि बहुद्देश्यीय सहकारी समितियों (लार्ज एग्रीकल्चर मल्टीपरपज को-ऑपरेटिव सोसायटी) में सामने आया है।यहां 1719 किसानों के नाम करीब फर्जी तरीके से 8 करोड़ रुपए का कर्ज लिया गया। पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने किसानों के सहकारी बैंकों से लिए 50 हजार रु. तक के कर्ज माफी की घोषणा की थी। इसके तहत जिले में कर्ज माफ हुए। फर्जी नाम से उठाए लोन भी माफ हो गए। हंगामे के बाद मामले की जांच शुरू हुई है। पहली कर्ज माफी में ऋण चुकता होने के बाद और अधिक संख्या में फर्जी ऋण जारी किए गए। इनको वर्तमान कर्जमाफी में चुकता करने की साजिश थी।
जिन्हें मना किया उनके नाम ले उड़े जिस किसान को ऋण देने से मना किया गया था उसके नाम ऋण जारी हो गया। कुछ किसानों को जो राशि कर्ज में दी गई थी, उसके मुकाबले अधिक राशि जारी हुई। उन्हें मालूम ही नहीं था।
जांच के बाद बढ़ेगी घोटाले की राशि रजिस्ट्रार नीरज के. पवन ने लोन सुपरवाइजर को निलम्बित करने के आदेश दिए हैं। तीन समिति व्यवस्थापकों के अधिकार छीने गए हैं। मामले की जांच के लिए अतिरिक्त रजिस्ट्रार की निगरानी में टीम गठित की गई है। जांच होने के बाद ही घोटाले की वास्तविक राशि सामने आएगी।मंत्री बोले, अब हर जिले में होगी जांच - जांच के लिए समिति बनाई है। इसके अलावा प्रदेश में सभी जगह जांच के आदेश दिए हैं। घोटाला करने वालों के साथ उनके सुपरवाइज करने वाले अधिकारियों की भूमिका भी जांची जाएगी। उदयलाल आंजना, सहकारिता मंत्री

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