ईरानी सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद इजराइल का बड़ा बयान, नेतन्याहू बोले – “मैंने पहले ही चेताया था”
तेहरान/यरुशलम,
1 मार्च 2026: मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दुनिया के सामने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई ईरान से पैदा हो रहे खतरे को खत्म करने के लिए जरूरी थी और ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा जब तक उद्देश्य पूरा नहीं हो जाता। �
अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमले में खामेनेई की मौत
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इजराइल ने ईरान के कई सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर संयुक्त हवाई हमले किए, जिनमें ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई भी मारे गए। यह हमला ईरान के शीर्ष नेतृत्व और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाकर किया गया था। �
Reuters
बताया जा रहा है कि खामेनेई का सुरक्षित परिसर पूरी तरह नष्ट कर दिया गया और कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी इस हमले में मारे गए। �
अली खामेनेई 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता थे और देश की राजनीति, सेना और विदेश नीति पर उनका अंतिम नियंत्रण था। �
नेतन्याहू का बड़ा बयान – “मैंने पहले ही कहा था”
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा:
“हमने ईरान के उस शासन के खिलाफ संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया है जो इजराइल के अस्तित्व के लिए खतरा था। मैंने पहले ही कहा था कि यह ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा जब तक जरूरत होगी।” �
उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का धन्यवाद करते हुए कहा कि दोनों देशों ने मिलकर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।
नेतन्याहू ने यह भी कहा कि इजराइल ईरान के परमाणु खतरे को किसी भी कीमत पर खत्म करेगा और भविष्य में भी ऐसे हमले जारी रह सकते हैं। �
ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
हमले के बाद ईरान में भारी तनाव फैल गया है। ईरान ने इस हमले को अवैध बताया और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने मिसाइल और ड्रोन से जवाबी हमला भी किया है, जिससे पूरे मध्य पूर्व में युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। �
मध्य पूर्व में बड़ा राजनीतिक बदलाव संभव
विशेषज्ञों का मानना है कि खामेनेई की मौत से ईरान की राजनीति में बड़ा बदलाव आ सकता है और सत्ता संघर्ष शुरू हो सकता है। इससे पूरे मध्य पूर्व की रणनीतिक स्थिति और वैश्विक राजनीति पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है। �
दुनिया भर में बढ़ी चिंता
इस घटना के बाद अमेरिका, रूस, चीन और संयुक्त राष्ट्र सहित कई देशों ने चिंता व्यक्त की है और तनाव कम करने की अपील की है। मध्य पूर्व में युद्ध की आशंका से वैश्विक तेल बाजार और सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है। �

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