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Showing posts from March, 2026

जैसलमेर किला – रेगिस्तान का स्वर्णिम गौरव

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  जैसलमेर किला – रेगिस्तान का स्वर्णिम गौरव राजस्थान के थार मरुस्थल के बीच स्थित जैसलमेर किला, जिसे सोनार किला या गोल्डन फोर्ट भी कहा जाता है, भारतीय राजपूत वास्तुकला और शौर्य का अद्भुत प्रतीक है। यह किला केवल ऐतिहासिक स्मारक नहीं, बल्कि आज भी जीवंत संस्कृति का केंद्र है। 📜 स्थापना और इतिहास इस किले की स्थापना 1156 ईस्वी में भाटी राजपूत शासक रावल जैसल ने की थी। किंवदंती है कि त्रिकूट पहाड़ी पर एक संत ने भविष्यवाणी की थी कि यहाँ एक महान दुर्ग बनेगा। रावल जैसल ने अपनी पुरानी राजधानी लोधरवा से हटकर यहाँ नई राजधानी बसाई। मध्यकाल में यह किला भारत और मध्य एशिया के बीच व्यापार मार्ग (सिल्क रूट से जुड़ा मार्ग) पर स्थित होने के कारण व्यापारिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण था। यहाँ से ऊँटों के काफिले गुजरते थे, जिससे जैसलमेर समृद्ध हुआ। ⚔️ युद्ध और संघर्ष जैसलमेर किला कई बार आक्रमणों का साक्षी रहा: 1299 ई. में अलाउद्दीन खिलजी की सेना ने किले पर हमला किया। मुगल काल में जैसलमेर ने कभी संघर्ष तो कभी संधि की नीति अपनाई। बाद में राजपूत शासकों ने किले की सुरक्षा और संरचना को और मजबूत किया। किले ...

ईरानी मिसाइल रेंज पर इजरायल का बड़ा दावा: भारत भी दायरे में?

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 ईरानी मिसाइल रेंज पर इजरायल का बड़ा दावा: भारत भी दायरे में? मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच Israel Defense Forces (IDF) ने एक नया मानचित्र जारी कर दावा किया है कि ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलें सिर्फ इजरायल ही नहीं, बल्कि एशिया और यूरोप के बड़े हिस्से को भी निशाना बना सकती हैं। इस मानचित्र में भारत को भी ईरानी मिसाइलों की रेंज में दिखाया गया है, जिससे रणनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। iran-missile-range-map-india-in-range-idf-report क्या है पूरा मामला? आईडीएफ ने अपने आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर एक ग्राफिक साझा किया, जिसमें ईरान की मिसाइल क्षमता को 300 किमी, 1000 किमी, 2000 किमी और 3000 किमी की रेंज में दर्शाया गया है। पोस्ट के कैप्शन में कहा गया: “ईरानी शासन की धमकी न केवल इजरायल के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए खतरा है।” इस मानचित्र के अनुसार: 300 किमी रेंज – ईरान के आसपास के सीमावर्ती क्षेत्र 1000 किमी रेंज – मध्य पूर्व का बड़ा हिस्सा, जिसमें इजरायल शामिल 2000 किमी रेंज – दक्षिण एशिया और यूरोप के कई देश 3000 किमी रेंज – लगभग पूरा भारत, रूस और चीन के बड़े हिस्से, और ...

ईरान में सत्ता परिवर्तन: खामेनेई की मौत के बाद नया अंतरिम नेतृत्व, तेहरान में तनाव चरम पर

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 ईरान में सत्ता परिवर्तन: खामेनेई की मौत के बाद नया अंतरिम नेतृत्व, तेहरान में तनाव चरम पर मध्य पूर्व से इस समय बड़ी खबर सामने आ रही है। अमेरिका और इजरायल के हमलों के बीच ईरान के सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei की मौत की खबर ने वैश्विक राजनीति में भूचाल ला दिया है। राजधानी Tehran में भारी आक्रोश और शोक का माहौल है, वहीं बदले की भावना खुलकर सामने आ रही है। अंतरिम सुप्रीम लीडर की नियुक्ति खामेनेई की मौत के बाद ईरान की सत्ता संरचना में तत्काल बदलाव किया गया है। वरिष्ठ धर्मगुरु Ayatollah Alireza Arafi को अंतरिम सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया है। उन्हें अंतरिम नेतृत्व परिषद में एक धर्मविद (जुरिस्ट) सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। ईरान के संविधान के अनुसार, जब तक नया सुप्रीम लीडर चुना नहीं जाता, तब तक यह परिषद सर्वोच्च नेता की जिम्मेदारियां संभालेगी। इस परिषद का मुख्य कार्य देश में राजनीतिक स्थिरता बनाए रखना और सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया को सुचारु रूप से पूरा करना है। क्या है आगे की प्रक्रिया? ईरान के संविधान के तहत, नए सुप्रीम लीडर का चयन “एक्सपर्ट्स की असेंबली” द्वारा किया जात...

तीसरे विश्वयुद्ध की ओर अग्रसर? ईरान-इजराइल युद्ध की आहट से बढ़ी वैश्विक चिंता

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 तीसरे विश्वयुद्ध की ओर अग्रसर? ईरान-इजराइल युद्ध की आहट से बढ़ी वैश्विक चिंता #BreakingNews | #Jung | MiddleEastCrisis मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर है। ईरान और इजराइल के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने दुनिया भर में तीसरे विश्वयुद्ध की आशंकाओं को जन्म दे दिया है। लगातार हो रहे हवाई हमलों, ड्रोन अटैक और कूटनीतिक आरोप-प्रत्यारोप ने हालात को बेहद संवेदनशील बना दिया है। कैसे बढ़ा टकराव? सूत्रों के अनुसार सीमा पार ठिकानों पर हमले और जवाबी कार्रवाई का सिलसिला तेज हो गया है। इजराइल ने सुरक्षा का हवाला देते हुए ईरानी समर्थित ठिकानों पर कार्रवाई की बात कही, वहीं ईरान ने इसे “आक्रामकता” करार देते हुए कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है। वैश्विक शक्तियों की एंट्री मामला सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं है। अमेरिका ने इजराइल के समर्थन में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने के संकेत दिए हैं। रूस और चीन ने संयम बरतने की अपील की है। विश्लेषकों का मानना है कि अगर प्रत्यक्ष युद्ध छिड़ता है, तो कई क्षेत्रीय ताकतें इसमें शामिल हो सकती हैं, जिससे संघर्ष का दायरा वैश्विक हो सकता है। तेल बाजार और भारत पर असर मध्...